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क्या आप जानते हैं चांद पर कौन-कौन गया है और कितने लोगों ने चांद पर कदम रखा है?

Chand par kon kon gaya hai
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चांद पर कौन-कौन गया है? (chand par kon kon gaya hai) जैसे ही यह सवाल हमें कोई पूछता है तो, हमे केवल नील आर्मस्ट्रांग ही याद आते है। हा यह बात सच है कि, नील आर्मस्ट्रांग चांद पर जाने वाले पहले व्यक्ती है लेकिन वे दुनिया के केवल अकेले इन्सान नही है, जो चांद पर गए है। इनके अलावा दुनिया के और भी 11 लोग चांद पर गए है। इस लेख में हम उन सभी लोगों के बारे में जानेंगे, जो चांद पर गए। तो चलिए जानते हैं। चांद पर कौन-कौन गया इस सवाल का जवाब, या फिर chand par kon kon gaya tha?

Adtronauts nameYear Mission
नील आर्मस्ट्रांग (Neil Armstrong)July 1969Apollo 11
बज एल्ड्रिन (Buzz Aldrin)July 1969Apollo 11
पीट कॉनराड (Pete Conrad)November 1969Apollo 12
एलन बीन (Alan Bean)November 1969Apollo 12
एलन शेपर्ड (Alan Shepard)Feb 1971Apollo 14
एडगर मिशेल (Edgar Mitchell)Feb 1971Apollo 14
डेविड स्कॉट (Devid Scott)Aug 1971Apollo 15
जेम्स इरविन (James Irwin)Aug 1971Apollo 15
जॉन यंग (John Young)April 1972Apollo 16
चार्ल्स ड्यूक (Charles Duke)April 1972Apollo 16
यूजीन सेर्नन (Eugene Cernan)Dec 1972Apollo 17
हैरिसन श्मिट (Harrison Schmitt)Dec 1972Apollo 17

1) नील आर्मस्ट्रांग (Neil Armstrong)

नील आर्मस्ट्रांग चांद पर जाने वाला पहला व्यक्ती है। आपको बता दें कि, नील एल्डन आर्मस्ट्रांग एक अमेरिकी खगोलशास्त्री है और चांद पर कदम रखने वाले दुनिया के प्रथम व्यक्ती भी है। इनका जन्म 5 अगस्त 1930 में अमेरिका में हुआ था। नील आर्मस्ट्रांग कई सारे गुणों से संपन्न व्यक्ती थे। वे केवल एक खगोलशास्त्री ही नहीं बल्कि एयरोस्पेस इंजीनियर, नौसेना अधिकारी, परीक्षण पायलट तथा एक प्रख्यात प्रोफेसर भी थे।

आपको बता दें कि, नील आर्मस्ट्रांग खगोलशास्त्री बनने से पूर्व वे एक नौसैनिक थे। जब वे एक नौसैनिक थे, तब उन्होंने अमेरिका-कोरिया युद्ध में भी हिस्सा लिया था। इसके बाद नील आर्मस्ट्रांग डाइड्रेन फ्लाइट रिसर्च से जुड़े। जहा उन्होंने परीक्षण पायलट के रुप में अपनी सेवाएं दी और करीब 900 से अधिक उड़ानों का परीक्षण किया। डाइड्रेन फ्लाइट रिसर्च में अपनी सेवाएं देने के बाद नील आर्मस्ट्रांग दक्षिण कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय गए। जहा उन्होंने और ज्ञान अर्जित किया और डिग्री हासिल की।

नील आर्मस्ट्रांग को चांद पर कदम रखने वाले पहले व्यक्ती के रुप में जाना जाता है। वे अपोलो 11 मिशन के तहत 20 जुलाई 1969 को चांद पर गए थे। वे इस मिशन के कमांडर भी थे। नील आर्मस्ट्रांग अपोलो मिशन के तहत पहलीबार अंतरिक्ष में नही गए है बल्कि वे इससे पहले भी जेमिनी मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा कर चुके थे।

अपने साथियों सहित अपोलो 11 मिशन को चांद पर सफलता पूर्वक उतारने के चलते और इस मिशन को पूरी तरह से सफल बनाने के चलते उन्हें राष्ट्रपती निक्सन के हाथों प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम भी मिला। इसके अलावा राष्ट्रपती जिमी कार्टर ने भी उन्हें 1978 में कॉन्ग्रेसनल स्पेस मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। इसके अलावा भी नील आर्मस्ट्रांग को कई सारे अवार्ड मिले।

आपकों बता दें कि,चांद पर कदम रखने वाले इस महान शख्स की मृत्यु सिनसिनाती ओहायो में 25 अगस्त 2012 को 82 वर्ष की आयु में हुई। (Chand par kon kon gaya hai)

2) बज एल्ड्रिन (Buzz Aldrin)

बज एल्ड्रिन का जन्म 20 जनवरी 1930 को अमेरिका के ग्लेनरिज में हुआ था। बज एल्ड्रिन एक अमेरिकी यांत्रिकी इंजीनियर है। अपोलो 11 मिशन के तहत वे भी नील आर्मस्ट्रांग के साथ 20 जुलाई 1969 को चांद पर गए थे। आपकों बता दें कि, इस अपोलो 11 मिशन के ल्यूनर पायलट बज एल्ड्रिन ही थे। नील आर्मस्ट्रांग के बाद चांद पर कदम रखने वाले दूसरे व्यक्ती है बज एल्ड्रिन है। लेकिन भलेही बज एल्ड्रिन के नाम चांद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ती का रिकॉर्ड ना हो। लेकिन उनके नाम एक अजीब रिकॉर्ड दर्ज है और वह है चांद पर पेशाब करने का। जी हां दोस्तों! चांद पर पेशाब करने वाले पहले व्यक्ती बज एल्ड्रिन है। पत्रिका न्यूज़ के मुताबिक़ बज एल्ड्रिन ने जानबूझकर चांद पर पेशाब नही की थी। बल्कि उनके पेशाब की थैली स्पेस सूट से नीचे गिर गई थी। जिसके कारण यह अजीबो गरीब रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हुआ।

अपने सफलता के चलते बज एल्ड्रिन को अपने देश अमेरिका द्वारा अंतरिक्ष उड़ान पदक भी मिला। इसके अलावा उन्हें कई सम्मान मिले। बज एल्ड्रिन ना केवल एक अंतरिक्ष यात्री है बल्की अभियंता और एक सफल व्यापारी भी है। (Chand par kon kon gaya hai)

3) पीट कॉनराड (Pete Conrad)

चार्ल्स पीट कॉनराड का जन्म 2 जून 1930 को फिलाडेल्फिया, अमेरिका में हुआ था। पीट कॉनराड एक अंतरिक्ष यात्री, वैमानिक इंजीनियर, नौसेना अधिकारी के अलावा वे एक परीक्षण पायलट भी थे। अमेरिका द्वारा 1969 में चांद पर भेजे गए अपोलो 12 मिशन के प्रमुख पीट कॉनराड थे। इस मिशन की कमान नासा ने ही पीट कॉनराड को दी थी।

कॉनराड इससे पहले भी अंतरिक्ष की यात्रा कर चुके थे। उन्होंने 1965 में अपने कमांड पायलट गार्डन कपूर के साथ जेमिनी 5 मिशन यान के तहत पहली स्पेस यात्रा की थी। इस मिशन के तहत पीट कॉनराड ने अंतरिक्ष में 8 दिन गुजारे थे। इसके बाद उन्हें 1966 में जेमिनी 11 मिशन यान की कमान भी मिली, जिसे उन्होंने बड़ी कुशलता के साथ निभाया था। अंतरिक्ष उड़ान अनुभव के कारण उन्हें नासा ने भी अपने 1969 के अपोलो 12 मिशन की कमान सौंपी थी। उसे भी पीट कॉनराड ने बड़ी सफलता के साथ पुरा किया। उनके द्वारा अपोलो 12 मिशन सफल कराने के बाद। पीट कॉनराड चांद पर जाने वाले 3 रे व्यक्ती बने। जिन्होंने चांद की सतह पर अपना कदम रखा।

पीट कॉनराड 1973 तक नासा से जुड़े रहें। अपने रिटायर्डमेंट के बाद वे एक बिजनेसमैन के रुप में अपना बाकी जीवन व्यतीत करने लगें। उनकी मृत्यू घर से कैलिफोर्निया को जाते समय एक सड़क दुर्घटना में सन 8 जुलाई 1999 को हुई। आपकों बता दें कि, पीट कॉनराड को आर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफनाया गया। जहा अपोलो मिशन के कई अंतरिक्ष यात्री उपस्थित थे। अपोलो 12 मिशन के सफलता के चलते पीट कॉनराड को कई पुरस्कार भी मिले थे। (चाँद पर कौन कौन गया है)

Chand par kon kon gaya

Chand par kon kon gaya photo:- pixabay

4) एलन बीन (Alan Bean)

Ok Google Chand par kon kon gaya इस सवाल से जुड़े चौथे नंबर के व्यक्ती एलन बीन है। जी हां! चांद पर जाने वाले 4 थे व्यक्ती एलन बीन है। जिन्होंने यह उपलब्धी अपने नाम नवंबर 1969 में अमेरिका द्वारा भेजे गए अपोलो 12 मिशन के जरिए अपने नाम की। एलन बीन का जन्म 15 मार्च 1932 को टेक्सास के व्हीलर, अमेरिका में हुआ। एलन बीन भी बाकी अंतरिक्ष यात्रीयो की तरह ही एक सैनिक अधिकारी थे। अंतरिक्ष यात्री बनने से पूर्व एलन बीन एक नौसेना सलाहकार, एयरोनॉटिकल इंजीनियर के साथ साथ एक परीक्षण पायलट थे। जिन्होंने अपोलो 12 मिशन में हिस्सा लेकर दुनिया के चौथे चांद पर कदम रखने वाले व्यक्ती का मान हासिल किया। अंतरिक्ष यात्री के तौर पर एलन बीन ने अंतरिक्ष में लगभग 69 दिन 15 घंटे और 45 मिनट बिताए थे। नासा के साथ काम करने के बाद एलन बीन ने 1981 में रिटायर्डमेंट ली और दुनिया को 26 मई 2018 को 86 साल की उम्र में अलविदा किया।

5) एलन शेपर्ड (Alan Shepard)

एलन शेपर्ड अंतरिक्ष में जाने वाले दुनिया के पहले व्यक्ती है तथा चांद पर जाने वाले दुनिया के पांचवे व्यक्ती। इनका जन्म 18 नवम्बर 1923 को अमेरिका में हुआ। एलन शेपर्ड पेशे से एक सैन्य अधिकारी थे। जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में भी हिस्सा लिया था। द्वितीय विश्व युद्ध खत्म होने के बाद एलन शेपर्ड एक परीक्षण पायलट बने और अंत में 1959 में एक अंतरिक्ष यात्री बने।

एलन शेपर्ड 5 मई 1961 को पहली बार अंतरिक्ष में गए थे और लगभग उन्होंने 15 मिनट तक अंतरिक्ष की यात्रा की थी। इसके बाद एलन शेपर्ड दूसरी बार 15 फरवरी 1971 में अपोलो 14 मिशन के तहत अंतरिक्ष में चांद पर गए और दुनिया के पांचवे चांद पर कदम रखने वाले व्यक्ती बने।

अपने मिशन के सफलता के बाद एलन शेपर्ड ने अंतरिक्ष यात्री कार्यालय के प्रमुख के तौर पर नासा मे काम किया और 1974 को 50 साल की उम्र में नासा को अलविदा कह दिया। एलन शेपर्ड अपनी आयु के 74 वर्ष बाद 21 जुलाई 1988 को हमें छोड़कर चल बसे। इन्हे भी अपनी अहम भूमिका निभाने के चलते कई पुरस्कार और सम्मान अमेरिकी सरकार और नासा द्वारा मिले। (चांद पर कौन गया)

6) एडगर मिशेल (Edgar Mitchell)

चांद पर जाने वाले छह नंबर के व्यक्ती एडगर मिशेल है। जिनका जन्म 17 सितंबर 1930 को अमेरिका में हुआ था।1971 के अपोलो 14 के तहत एडगर मिशेल, एलन शेपर्ड और एटुअर्ट रोसा के साथ चांद पर गए थे। एडगर मिशेल भी अंतरिक्ष यात्री बनने से पूर्व अमेरिकी नौसेना के हिस्सा थे। इसके अलावा एडगर मिशेल एक परिक्षण पायलट भी थे। एडगर मिशेल ने अंतरिक्ष में लगभग 9 दिन 1 मिनट का समय व्यतीत किया है।

1971 के अपोलो मिशन के बाद सिर्फ एक साल तक (1972) नासा के साथ जुड़े रहें। नासा से रिटायर्डमेंट लेने के बाद एडगर मिशेल ने ईएसपी और अन्य मानसिक घटनाओं पर रिसर्च करने वाली संस्था से जुड़े और वहा अपना योगदान दिया। एडगर मिशेल ने अपनी एक किताब भी लिखी है। जिसका नाम “द वे ऑफ द एक्सप्लोरर (The way of exploror) है। इनकी मृत्यु 85 वर्ष के आयु में 4 जुलाई 2016 को फ्लोरिडा में हुई। (Chand par kon kon gaya tha)

7) डेविड स्कॉट (David Scott)

डेविड स्कॉट अमेरिकी वायुसेना में कर्नल रैंक के एक अधिकारी थे। जिनका जन्म 6 जून 1932 को सैन एंटोनियो, टेक्सास के पास अमेरिका में हुआ था। ये भी बाकी अंतरिक्ष यात्रीयों की तरह ही एक परिक्षण पायलट थे। डेविड स्कॉट चांद पर जाने वाले दुनिया के सातवे व्यक्ती है। जो 1971 के अपोलो 15 मिशन के हिस्सा थे। डेविड स्कॉट एक सफल अंतरिक्ष यात्री है जिन्होंने लगभग तीन सफल अंतरिक्ष की यात्राएं की। इसके अलावा डेविड स्कॉट अपोलो मिशन के इकलौते ऐसे अंतरिक्ष यात्री है जो आज भी जीवित है। उनके सभी साथियों का निधन हो चुका है।

डेविड स्कॉट ने चांद पर जाने का मिशन पूरा करने के 6 साल बाद 1977 में नासा से रिटायर्डमेंट ली और एक लेखक के तौर पर अपनी जिंदगी बिताने लगे। डेविड स्कॉट भी कई पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित व्यक्ती है। (Chand par kon kon gaya tha)

चांद पर कौन कौन गया

चांद पर जाने वाले लोग फोटो:-pixabay

8) जेम्स इरविन (Jemes Irwin)

डेविड स्कॉट के साथ चांद पर जाने वाले जेम्स इरविन दुनिया के आठवें व्यक्ती है। इनका जन्म 17 मार्च 1930 को पिस्टबर्ग, पेंसलीविया में हुआ था। जेम्स इरविन भी एक अमेरिकन नागरिक है जो अमेरिका के एयरफोर्स में पायलट पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा जेम्स इरविन एक वैमानिक इंजीनियर तथा परीक्षण पायलट भी थे।  इनकी मृत्यु 8 अगस्त 1991 में 61 साल की उम्र में हार्ट अटैक के कारण हुई।

नासा द्वारा चुने गए अंतरिक्ष यात्रीयो के 19 लोगों के दल मे से एक जेम्स इरविन भी थे। जो 1966 में नासा द्वारा चुने गए थे। नासा ने इन्हे चांद पर भेजने से पहले कई अहम पदों की जिम्मेदारी सौंपी थी। जिसमें से अपोलो 10 मिशन के अंतरिक्ष यात्रीयो की सहायता करना सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी। जिसे जेम्स इरविन ने काफी सरलता के साथ निभाया था।

जेम्स इरविन का चुनाव नासा द्वारा अपोलो 15 के लिए लूनर मॉड्यूल पायलट के तौर पर 26 जुलाई 1971 को पहली बार हुआ। आपकों बता दें कि, इस अपोलो 15 मिशन के तहत जेम्स इरविन की अंतरिक्ष में गतिविधी लगभग 18 घंटे 35 मिनट की थी। भूवैज्ञानिक का गहन प्रशिक्षण प्राप्त जेम्स इरविन ने चांद पर जेनेसिस रॉक की खोज की। जो अब तक के सभी मिशनों में अहम मानी जाती है।

नासा के साथ कुछ अनबंध होने के कारण उन्होंने नासा को 1972 में मिशन के एक साल बाद ही छोड़ दिया था। नासा से अलग होने के बाद वे एक सद्भावना राजदूत के रूप अपना जीवन बिताने लगे। जेम्स इरविन को भी अमेरिका द्वारा कई पुरस्कारो से सम्मानित किया गया है। (चांद पर कौन कौन गया है)

9) जॉन यंग (John Young)

चांद पर जाने वाले विश्व के 9 वे व्यक्ती है जॉन यंग। जो 1972 में अपोलो 16 मिशन के तहत चंद्रमा पर गए थे। जॉन यंग का जन्म 24 सितंबर 1930 को सनफ्रांसिस्को, अमेरिका में हुआ था। इनका पूरा नाम जॉन वाट्स यंग है। जो अंतरिक्ष यात्री बनने से पूर्व एक परीक्षण पायलट, वैमानिक इंजीनियर तथा एक नौसेना अधिकारी थे। जॉन यंग एक ऐसे अंतरिक्ष यात्री है। जिन्होंने चार अलग अलग वर्गों के अंतरिक्ष यानों से उड़ान भरी है। इसके अलावा वे एक ऐसे अंतरिक्ष यात्री है जिन्होंने अपने जीवन में छह बार अंतरिक्ष की सफल यात्राए की। जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। इनकी मृत्यु 87 वर्ष की आयु में 5 जनवरी 2018 को निमोनिया बिमारी के कारण हुई।

10) चार्ल्स ड्यूक (Charles Duke)

चांद पर जाने वाले 10 वे व्यक्ती के तौर पर चार्ल्स ड्यूक को जाना जाता है। 1972 में चांद पर जाने वाले अपोलो 16 मिशन के तहत चार्ल्स ड्यूक चांद पर गए थे। इनका पूरा नाम चार्ल्स मॉस ड्यूक जूनियर है। जिनका जन्म 3 अक्तूबर 1935 को अमेरिका में हुआ था। चार्ल्स ड्यूक भी बाकी अंतरिक्ष यात्रियों की तरह ही एक अमेरिकन सैनिक है। वे अमेरिका के वायु सेना के हिस्सा थे। इसके अलावा वे एक परीक्षण पायलट भी थे। चार्ल्स ड्यूक का चुनाव भी 1966 में उन 19 अंतरिक्ष यात्रियों में हुआ था। जो अलग अलग समय पर चांद की यात्रा करने वाले थे। अपोलो 16 मिशन के तहत चांद पर जाने से पूर्व चार्ल्स ड्यूक नासा को अपनी कई सेवाएं दे चुके थे। अपोलो 11 के लिए कैपकॉम के रूप में उनका कार्य नासा में अहम माना जाता है। अपोलो 16 मिशन के तहत माड्यूल पायलट के रुप में चांद पर जाने वाले चार्ल्स ड्यूक दुनिया के 10 वे तथा सबसे कम उम्र के अंतरिक्ष यात्री है। चार्ल्स ड्यूक महज 36 साल 201 दिन के थे, जब वे चांद पर गए थे। (Google chand par kon kon gaya hai)

11) यूजीन सेर्नन (Eugene Cernan)

यूजीन सेर्नन भी एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री है। जो अपोलो 17 मिशन के तहत चांद पर गए थे। यूजीन सेर्नन को चांद पर जाने वाला 11 वा अंतरिक्ष यात्री माना जाता है। जो आज इस दुनिया में नहीं रहा है। इनका जन्म 14 मार्च 1934 को हुआ था। ये एक अंतरिक्ष यात्री ही नहीं बल्कि एक इलेट्रिकल इंजीनियर, वैमानिक इंजीनियर तथा एक नौसैनिक भी थे। ये 7 दिसंबर 1972 को अपोलो 17 मिशन के तहत चांद पर गए थे और चांद पर जाने वाले 11 वे व्यक्ती बने थे। यूजीन सेर्नन मिशन के बाद भी 4 साल तक नासा के साथ जुड़े रहें थे। उन्होनें 1976 में नासा से रिटायरेडमेंट ली थी। यूजीन सेर्नन ने भी अपोलो 17 के अलावा अपोलो 10, जेमिनी 9 मे हिस्सा लिया था। यूजीन सेर्नन भी कई पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्ती है। उन्हे अपनी सफलता के लिए कई पुरस्कार मिले थे। इनकी मृत्यु 16 जनवरी 2017 को होउस्टन टेक्सास में हुई।(chand par kon kon gaye)

12) हैरिसन शिम्ट (Harrison Schmitt)

हैरिसन शिम्ट चांद पर जाने वाले 12 वे व्यक्ती है। इनके बाद दुबारा और कोई भी आज तक चांद पर नही गया है। भविष्य का कुछ बोल नहीं सकते। हैरिसन शिम्ट का जन्म न्यू मेक्सिको, अमेरिका में 3 जुलाई 1935 को हुआ था। ये पेशे से एक भूवैज्ञानिक है। हैरिसन शिम्ट अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले वे एक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर का जॉब किया करते थे। वे 1972 में अपोलो 17 मिशन के तहत चांद पर गए थे। हैरिसन शिम्ट दुनिया के 12 वे तथा दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र के अंतरिक्ष यात्री है। इसके अलावा चांद पर चलने वाले अंतिम जीवित व्यक्ती भी है। न्यू मेक्सिको के सदस्य के रुप में अमेरिकी सीनेट का चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने अगस्त 1975 में नासा से इस्तीफा दिया था और चुनाव लड़ा था। वे चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार के रुप में चुनकर भी आए।

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यह थे चांद पर जाने वाले अबतक के 12 अंतरिक्ष यात्री। चांद पर कौन-कौन गया है (chand par kon kon gaya hai) यह सवाल कई बार इंटरनेट पर सर्च किया गया है। जिसका सटीक जवाब हमने यहां देने का प्रयास किया है। आपकों इसमें कोई त्रुटि मिले तो हमे ज़रूर सूचित करें। आशा करते है आपकों चांद पर कौन कौन गया है इसका जवाब यहां मिला होगा।

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