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पाद के कितने प्रकार होते हैं, तथा पाद से बदबू क्यों आती है?

पाद के कितने प्रकार होते हैं (type of fart)
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क्या आपके दिमाग में भी यह सवाल आता है कि, पाद के कितने प्रकार होते है (what is type of fart) तथा पाद की आवाज कैसी होती हैं (pad ki awaaz kaisi hoti hai) आपको बता दें कि, पाद के एक, दो या तीन नही बल्कि कुल दस प्रकार होते है। इस लेख में उन सभी प्रकारों के बारे में हम जानेंगे कि, पाद कितने प्रकार के होते है (pad kitne prakar ke hote hain) तो चलिए जानते हैं।

पादना सेहत के लिए काफ़ी अच्छा होता है। लेकिन फिर भी पाद के बारे में ज्यादा चर्चा नही होती है। पाद के बारे में चर्चा करने में लोग काफी शर्मा जाते है। आपको बता दें कि, पादना बूरा नही है। पादने से इन्सान की सेहत अच्छी रहती है। पर यदी आप लोगों के बिच में पादते है तो, आप हसी का कारण बन सकते हैं। लोगों के बिच में पाद आना किसी भी व्यक्ती को प्रॉब्लम मे डालता है। पर पाद न आना भी व्यक्ती को प्रॉब्लम मे डालता है।

Table of Contents

पाद के कितने प्रकार होते है / pad ke kitne prakar hote hain (what is type of fart)

पाद का पहला प्रकार है भोंपू पाद

भोंपू पाद, पाद के कुल दस प्रकारों में से एक प्रकार है। आपने भी अपने बचपन में ऐसा सुना होगा कि, पादों का राजा है भोंपू। क्या आपने सुना है? हमारे पूर्वज इस प्रकार से पादने वाले व्यक्ती को उत्तम पादम भी कहते है। यह पाद घोषणात्मक और मर्दानगी भरे आवाज़ में होता है। इसी लिए इस प्रकार के पाद को भोंपू पाद कहते है। पर यह पाद केवल आवाज़ में ही ज्यादा होती हैं, तथा इसमें बदबू कम या फिर ना के बराबर होती हैं। इस प्रकार के भोंपू पाद के बारे में कहा जाता है कि, यह पाद जितनी जोर का होता है, बदबू उतनी कम होती है।

पाद का दूसरा प्रकार है बुलेट पाद

यह पाद के कुल दस प्रकारों में से दूसरा प्रकार है। जैसा कि आप सभी ने बुलेट की बाइक तो देखी होगी, जैसे बुलेट जोर से हमारे पास से फट फट फट फट…. आवाज़ करके निकल जाती है। ठीक उसी प्रकार का आवाज़ बुलेट पाद का होता है। इस बुलेट पाद की आवाज फट फट फट फट…. होती हैं। पर बदबू इसमें भी भोंपू पाद की तरह ही कम होती है। ऐसा पाद खास तौर पर बेसन से जुड़ी चीजें खाने पर निकलता है। इस प्रकार का पाद यदी कोई छोड़ता है तो, आपकों डरने की कोई जरूरत नहीं है। क्युकी इसमें बदबू की मात्रा काफी कम होती है। इसलिए ऐसे बुलेट पाद से दूर भागे नही।

पाद का तीसरा प्रकार है शहनाई पाद

पाद के कुल प्रकार दस होते है। जिसमें यह पाद का तीसरा प्रकार शहनाई पाद है। हमारे पूर्वज इस प्रकार के पाद को मध्यम पाद भी कहते है। इस शहनाई पाद का आवाज़ भोंपू पाद तथा बुलेट पाद जितना नही होता है। शहनाई पाद की आवाज बिलकुल शहनाई जैसी मध्यम होती है। इसे भारत के कई हिस्सों में सुरीली पाद भी कहा जाता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि, इसमें बदबू की मात्रा ज्यादा होती हैं। शहनाई पाद की आवाज ठें-ठें-ठें…. या फिर पुं ऊ ऊ ऊ…. कुछ इस प्रकार की होती है।

पाद का चौथा प्रकार है तबला पाद

पाद के कुल दस प्रकारों में से तबला पाद चौथा मुख्य प्रकार है। जैसे तबला अपनी उद्घोषणा केवल एक फट के आवाज के साथ करता है। ठीक उसी प्रकार की आवाज़ केवल एक बार इस पाद की होती है। आपकों बता दें कि, यह पाद एक नो वार्निंग नो परमिशन वाला होता है। इसे निकलने के लिए किसी के इजाजत की जरूरत नहीं होती है। तथा यह एक ऐसा पाद है, जो अपने मालिक की भी नही सुनता है। अर्थात तबला पाद, पाद का एक ऐसा प्रकार है, जो एक बार कमेंटमेंट करने के बाद अपने मालिक की तो छोड़ो, खुद की भी नही सुनता है। और फट करके निकल जाता है। मान लो, यदि व्यक्ती लोगों के बिच में बैठा है और वहा किसी गंभीर विषय पर चर्चा हो रही है। तभी उतने में तबला पाद निकल जाए तो, व्यक्ती शर्म से पानी पानी हो जाएगा।

पाद का पांचवा प्रकार है खुरचनी पाद

खुरचनी पाद शहनाई पाद जैसी एक बार में नहीं निकलती। यह एक के बाद एक कई बार पिर्र पिर्र पिर्र की आवाज़ के साथ रुक रुक कर निकलती है। खुरचनी पाद, पाद के कुल प्रकारों में से एक प्रकार की पाद है।

पाद का छटा प्रकार है ठुस्की पाद

नाम से ही इस प्रकार के पाद के आवाज़ का आप अंदाजा लगा सकते हैं। इस ठुस्की पाद का आवाज़ ठूसsss…. कुछ इस प्रकार से आता है। इसलिए इसे ठुस्की पाद कहा जाता है। यह पाद एक कमजोर आवाज़ की होती है। जब कोई व्यक्ति इस प्रकार से पादता है तो, हमे वहा से जल्दी दूर होना चाहिए। या फिर अपनी नाक बंद कर लेनी चाहिए। नही तो व्यक्ती बदबू का शिकार हो सकता है। ठुस्की पाद तभी ज्यादा मात्रा में आती है। जब व्यक्ती दो दिन से लैट्रिन को नही जा पाता है। जिस कारण उसके पेट के अंदर के मल की बदबू तयार होती हैं।

पाद का सातवा प्रकार है फुसकी पाद

पाद के कुल दस प्रकारों में से यह एक मुख्य प्रकार है। इस फुसकी पाद से शायद हर कोई वाकिफ होगा। क्योंकि इसमें बदबू सबसे ज्यादा होती हैं। पर आवाज़ नही होती है। जिससे यह फुसकी पाद पास मे बैठे व्यक्ती को बदबू का गुप्त दान देने में सबसे बढ़िया है। फुसकी पाद छोड़ने वाला व्यक्ती पास में मौजुद लोगों को बदबू का खुद तो दान देता है। लेकिन अपनी नाक बंद करके खुद नही लेता है और ऊपर से लोगों को कहता भी है कि, “क्या यार लोग हैं, कितना बेकार पादते हैं”। फुसकी पाद छोड़ने वाला व्यक्ती खुद ऐसा दिखावा करता है कि, वह नही बल्कि कोई और पादा है। फुस्की पाद में, कोन पादा इसकी जांच पड़ताल करना संभव नहीं होती है। क्योंकि फुसकी पाद छोड़ने वाला व्यक्ती आसानी से पहचानने में नही आता है। खैर आगे बढ़ते हैं।

पाद का 8 वा प्रकार है जबरदस्ती का पाद

आपने भी इस प्रकार के पाद का अनुभव जरूर किया होगा। आपकों बता दें कि, इस प्रकार के पाद में व्यक्ती जबरदस्ती करके पादना चाहता है। लेकिन फिर भी वह जल्दी पाद नही पाता है। आपको बता दें कि, व्यक्ती को पाद आने जैसा महसूस होता है, लेकिन यह पाद बाहर निकल नही पाती है और इसके लिए व्यक्ती को जोर जबरदस्ती करनी पड़ती है। आपको बता दें कि, यदी जबरदस्ती करने पर भी यह पाद ना निकले तो, व्यक्ती को जरूर लैट्रिन जाना चाहिए। वर्ना, पाद की जगह कुछ और भी निकल सकता है। अब क्या निकल सकता है? मुझे लगता है कि, यह आपको बताने की जरूरत नहीं है। क्युकी आप इतना तो समझ ही गए होंगे।

पाद का 9 वा प्रकार है झूठा पाद

नाम से आप परेशान हो रहे होंगे कि, ये पाद का कोन सा प्रकार है। आपकों बता दें कि, यह पाद का सबसे बेकार प्रकार है। इसके अंदर व्यक्ती से गलती हो जाती है। इस प्रकार के पाद में व्यक्ती को लगता है कि, वो जो पाद छोड़ने वाला है। वह केवल पाद ही है। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है। इस प्रकार के पाद में पाद के साथ मल भी निकल जाता है और यह तब पता चलता है। जब तीर कमान से निकल चुका होता है। यह एक ऐसा पाद होता है। जो हर किसी को उल्लू बना सकता है। इसलिए इस पाद को झूठा पाद कहते है।

पाद का दसवां प्रकार हैं लूना पाद

यह पाद के कुल दस प्रकारों में अन्तिम पाद का प्रकार है। यह पाद बिलकुल लूना बाइक की तरह होता है। जैसे लूना बाइक कमजोर और कम आवाज वाली होती हैं। ठीक उसी प्रकार का यह पाद होता है। इसलिए इस पाद को लूना पाद कहते है। क्युकी लूना बाइक का आवाज़ और इस पाद का आवाज़ लगभग सेम सुनने को मिलता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि, लूना पाद भलेही आवाज़ में कमजोर लगती हो लेकिन बदबू में सबसे तेज होता है।

दोस्तो यह थे पाद के कुल दस प्रकार । यदि कोई पाद का प्रकार हमसे छूटा होगा तो, आप हमे कमेंट बॉक्स में जरूर बताए।

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पाद असल में बनता कैसे हैं /पेट में गैस कैसे बनती हैं

पाद के कितने प्रकार होते हैं? इस बारे में तो आप जान गए लेकिन यह पाद बनती कैसे है यह भी interesting है। आपको बता दें कि, जब व्यक्ती भोजन करता है और जब वह भोजन पचन क्रिया से गुजरता है। तब पेट में गैस बनती हैं। जब यह गैस मुंह से बाहर आती है तो, उसे हम डकार कहते है। लेकिन जब वह गैस गुदा द्वार से बाहर आती है तो, उसे पाद कहते है।

अब आपने पाद के कितने प्रकार होते हैं? तथा पाद बनती कैसे है? यह जान गए। फिर सवाल यह भी उठता है कि, पाद को बदबू क्यों होती हैं? आइए इसे भी समझते हैं।

जब व्यक्ती पादता हैं तो, उससे बदबू क्यों आती है

आपकों बता दें कि, हम जो भोजन ग्रहण करते हैं। उसमें हाइड्रोजन सल्फाइड होता है। यही वो हाइड्रोजन सल्फाइड जो पचन के दौरान गैस के रुप में मुक्त होता हैं। जिसको बदबू होती हैं। अर्थात यदी हम भोजन से हाइड्रोजन सल्फाइड को निकाल दे तो, हमारे पाद की बदबू नहीं आएंगी।

क्या पाद की बदबू सेहत के लिए अच्छी होती हैं

आपके दिमाग में यह भी सवाल आया होगा कि, क्या पाद की बदबू सेहत के लिए अच्छी होती हैं? यदी आप इसके बारे में अपने घरवालों से या फिर किसी बुजुर्ग व्यक्ती से पूछेंगे तो, वो यही कहेंगे कि, नही पाद की बदबू सेहत के लिए अच्छी नहीं होती हैं। लेकिन यह गलत है। विज्ञान इसके बारे में कुछ और ही बताता है। आपको बता दें कि, पाद की बदबू सेहत के फायदेमंद होती हैं। 2014 में मेडिसिनल केमेस्ट्री कम्युनिकेशन जर्नल की एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई। जिसमें बताया गया है कि, पाद की बदबू सूंघना सेहत के लिए अच्छा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, पाद में जो हाइड्रोजन सल्फाइड होता है। वह व्यक्ती के शरीर में मौजूद माइट्रोकोंड्रिया के लिए काफी उपयोगी है।

किसके पाद को सबसे ज्यादा बदबू होती हैं?

आपकों बता दें कि, पुरुषों के मुक़ाबले महिलाओं के पाद में अधिक बदबू होती हैं। इसके पीछे का कारण है हाइड्रोजन सल्फाइड, जो महिलाओं के अंदर पुरुषों के मुक़ाबले ज्यादा मात्रा में जमा होता है। जिसके चलते महिलाओं की पाद को ज्यादा बदबू होती हैं।

पादने में सबसे ज्यादा शर्म लड़कियों को आती है

हम चाहे कितने भी पढ़ लिख ले, तथा कितने भी एडवांस क्यों ना हो जाए। पर हमारे समाज का वातावरण ही कुछ इस प्रकार का है कि, लडका पाद दे तो, कोई शर्म की बात नहीं लगती। लेकिन लड़की पाद दे तो, लोगों को काफी बुरा लगता है। खास कर घर के लोगों को। लेकिन लडकी चाहे कितनी भी मॉर्डन और सुशिक्षित क्यों ना बने। वह सबके सामने पादने में शर्माती ही है। क्योंकि लडकी प्राकृतिक ही हया और शर्म के गुण से बनी है। नही तो पुरूष और महिला मे फर्क ही क्या रहता। पर ऐसा नहीं है कि, आपने लड़की को कभी पादते हुए नही देखा है तो, लड़की शायद नहीं पादती होगी। आपको बता दें कि, लड़कीयों को भी लडको जितनी पाद आती है। उनके पेट में भी गैस बनती हैं। पर लड़कियां कभी किसी के सामने नहीं पादती हैं। वे हमेशा एकांत में ही बम फोड़ती है। क्युकी वो शर्मीली होती हैं। वैसे भी लड़की का सबके सामने पादना हमारे समाज में बुरा माना जाता है।

सबसे ज्यादा पाद कौन मारता है

आपके दिमाग में भी यह सवाल जरुर आया होगा कि, सबसे ज्यादा पाद कौन मारता है? आपकों बता दें कि, सबसे ज्यादा पाद कोई इन्सान नही बल्कि एक जानवर मारता है और वह जानवर है दिमक। जी हां दोस्तों, दुनियां में सबसे ज्यादा पादने वाला जानवर दिमक हैं। यह एक मात्र ऐसा जीव है। जिसकी पादने में कोई भी बराबरी नहीं कर सकता। दिमक धरती पर मौजुद सभी जानवरों में सबसे ज्यादा गैस छोड़ता है। अब आप पाद से जुड़ी कई बाते तो जान गए लेकिन क्या आप जानते हैं पाद की परिभाषा क्या है? आइए जानते हैं।

पाद कि परिभाषा

आपने सोचा नहीं होगा पाद की भी परिभाषा है। पाद कि परिभाषा है कि, गुदा मार्ग से आंतों में फसी गैस या पेट में फसी गैस को प्राकृतिक रुप से बाहर निकलने को पाद कहते है।

दोस्तों ये थी पाद के कितने प्रकार होते है (what is type of fart) तथा पाद की आवाज कैसी होती हैं (pad ki awaaz kaisi hoti hai) आदि पाद से जुड़ी जानकारी। आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताए।

ये है दुनिया में सबसे ज्यादा पादने वाला व्यक्ती (पाद की आवाज)

 

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