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Signal app success story, signal app दुनिया का most sucure app क्यों माना जाता है?

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 एक समय था कि, हम में से काफी सारे लोग signal को जानते तक नहीं थे। यहां तक की signal app नाम का कोई मेसेजिंग ऐप भी है। ये हमें पहले पता भी नहीं था। लेकिन जैसे ही whatsapp की नई पॉलिसी आयी, दुनिया भर के लोग whatsapp जैसा मेसेजिंग ऐप गूगल पर सर्च करने लगे। तभी अचानक से दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ती एलन मस्क ने अपने twitter acount से signal app use करने की अपने फॉलोवर को सला देने लगे। जिसके बाद उनका यह ट्वीट तेजी से वायरल हो गया। पहले ही पूरी दुनिया में whatsapp के privacy को लेकर चिंता थी। उसी समय एलन मस्क का signal app use करने का दिया हुआ सुझाव लोगो को काफी पसंद आया। अब लोग signal app के बारे में गूगल पर सर्च करने लगे। 

         तो चलिए जानते हैं signal app के बारे में। जानते है इस ऐप के कुछ interesting facts. 

       Whatsapp के को- फाउंडर brian acton और moxie marlinspike ने मिलकर signal app की नीव रखी। 

पहले कहानी maxie marlinspike की। 

 



        इनकी कहानी काफी दिलचप्स और प्रेरणादायी है। Signal app के को-फाउंडर और signal app के सी ई ओ maxie marlinspike है। वैसे तो ये एक क्रिप्टोग्राफर है। क्रिप्टोग्राफ एक ऐसी शिक्षा है जो हमारी ऑनलाईन बातचित को secure बनाने में मदत करती है। मतलब यह हमारी बातचित को दुसरो से सुरक्षित रखती है। माना जाता है कि मॉर्डन ऐप मे एंड टू एंड एनक्रिप्शन की सुविधा maxie marlinspike ही देन है। 2010 में maxie marlinspike ने एक whisper system नाम का security स्टार्टअप बनाया। इसी स्टार्टअप की मदत से उन्होंने एनक्रिप्शन से लैंस text secure नाम का मेसेजिंग ऐप बनाया। कॉलिंग के लिए इसी स्टार्टअप के मदत से RedPhon नाम का ऐप भी बनाया। 2011 में twitter ने यह स्टार्टअप खरीद लिया और marlinspike को अपने यहाँ security head बनाया। लगभग दो साल तक काम करने के बाद maxie marlinspike ने twitter को छोड़ दिया। दोस्तों बाद में maxie marlinspike ने अपना open whisper system नाम के प्रोजेक्ट का निर्माण किया। इसके मध्यम से उन्होंने text secure और RedPhon ऐप के डेवलपमेंट का काम जारी रखा। आगे चलकर maxie marlinspike ने अपने एक साथी के मदत से signal protocol बनाया। यह protocol आगे चलकर एंड टू एंड एनक्रिप्शन बन गया। फरवरी 2014 में signal protocol को text secure app में फिट किया गया। 2016-17 तक इसपर लगातार डेवलपमेंट का काम जारी रहा। Maxie marlinspike एक कॉमन कनेक्ट के जरिए whatsapp के को-फाउंडर brian acton से मिले। यही से दोनों आगे चलकर अच्छे भागीदार बनें। 

आखिर क्यों whatsapp बनाने वाले को signal app बनाना पड़ा? 

      Brian acton ने अपने दोस्त jan koum के साथ मिलकर इस ऐप को बनाया था। दोनों का एक ही मकसद था बिना जाहिरात वाला ऐप बनाना। दोनों ने वैसा ऐप बनाया भी। बाद में इन्होंने whatsapp को facebook को 19 billions dollar में बेच दिया। पर शर्त यह रखी की इस ऐप पर कोई भी add नहीं दिखाई जाएंगी। माना जाता है कि, इसपर facebook पहले राज़ी भी हो गया था और उसने 2014 मे 19 billions डॉलर मे यानी लगभग 1.30 लाख करोड़ भारतीय रुपए मे खरीद लिया। पहले whatsapp paid subscription के जरिए पैसे कमाता था। लेकिन facebook ने whatsapp का paid subscription बंद करके सबके लिए फ्री कर दिया। इसके पीछे facebook का मकसद था, Whatsapp पर add दिखाकर ज्यादा पैसे कमाने का। जब facebook ने brian acton से इस बारे में चर्चा की तो acton काफी नाराज हो गये। जब बात नहीं बनी, तो brian acton ने facebook छोड़ दिया। यही वजह बनी signal app के जन्म के लिए।

Maxie marlinspike और Brian acton ने मिलकर बनाया signal app. 

         जब brian acton ने facebook छोड़ा, तब उन्होंने facebook के जरिए कमाएं हुए अपने 850 million dollars यानी लगभग 6 हजार करोड़ रुपए छोड़ दिये। बाद में कुछ समय बाद brian acton ने 2017 में अपने 350 करोड़ रुपये झिरो ब्याज पर maxie marlinspike ने बनाए हुए ऐप मे इंवेस्ट किए। कुछ का मानना है कि brian acton ने यह 350 करोड़ रुपये signal app के लिए डोनेट किए थे। Maxie marlinspike और brian acton ने मिलकर signal app को और बेहतर बनाने के लिए, उसे user friendly बनाने के लिए signal foundation की स्थापना की। Signal app बनाने का दोनों का एक ही लक्ष था, लोगों को फ्री सर्विस देना। यह foundation नॉन प्रॉफिट foundation था। दोस्तों आपको बता दे की signal app, RedPhon और text secure app को मिलाकर बनाया गया है। इस foundation के तहत उसे और बेहतर और user friendly बनाया गया। 

Signal app से जुड़े कुछ Interesting facts

• Signal app भी whatsapp की तरह एक मल्टीमीडिया मेसेजिंग ऐप है। इस ऐप का स्वामित्व signal foundation और signal messenger LLC के पास है इन दोनों कम्पनीज़ का मकसद नॉन प्रॉफिट लोगों को सेवा प्रदान करना है। 

• दोस्तों अमेरिका रहने वाले maxie marlinspike इस ऐप के सी ई ओ है। 

• 2021 मे whatsapp को पीछे छोड़ दुनिया का Top free app बना। इसका एकमात्र कारण है। लोगों का whatsapp के नये privacy policy के प्रति गुस्सा। Signal app भारत में भी Top app मे पहले पायदान पर अपना स्थान बना चुका है। भारत के अलावा यह जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, फिनलैड जैसे देशों में google play store पर Top पर है। 

• ऐप एनलिटिक सेंसर टावर के रिपोर्ट के अनुसार 2021 के शुरुआती दिन इस ऐप के लिए सबसे अच्छे रहे। रिपोर्ट के अनुसार 6 से 10 जनवरी तक signal app को 7.5 millions download मिले है। जो इससे पहले कभी नहीं मिले है। 

• सेंसर टावर ने अपने रिपोर्ट मे बताया है कि, 72 घंटों में signal app को 4200 प्रतिशत download मिल रहे है। और इसमें लगातार इजाफा हो रहा है। 

• भारत दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट माना जाता है। भारत में signal को 2.3 millions download जनवरी के पहले सप्ताह में मिले है। जो इससे पहले के मुकाबले कई ज्यादा है। 

• signal का सबसे अच्छा फिचर है, “Not To Self“. यहाँ आप खुद को भी मेसेज भेज सकते है। 

• security के मामले में signal app दुनिया मे काफी secure माना जाता है। यह ऐप users के हर चीज को एनक्रिप्ट कर देता है। इसमें users का प्रोफाईल फोटो, व्हाइस कॉलिग, विडिओ कॉलिग, स्टिकर और लोकेशन शामिल है। 

• यह ऐप users का बॅकअप सुरक्षित तरीके से करता है। 

• यह ऐप अपने users का डेटा किसी के भी साथ शेअर नही करता है।  

• दोस्तों सुरक्षा के हेतु यह ऐप अपने users की पहचान कभी भी उजागर नही करता। 

• signal app मोबाइल नंबर के अलावा और कोई भी जानकारी नही मांगता। 

• इस ऐप मे आप 150 से ज्यादा लोगों का ग्रुप नही बना सकते है। इस ऐप की एक और खास बात यह है कि कोई भी ग्रुप आपके परमिशन के सिवा आपको ग्रुप में add नहीं कर सकता। इसके बारे में signal का कहना है कि, ऐसा user के privacy  लिए किया गया है।

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• users के चाट को सुरक्षित करने के लिए signal app ने अपने users को timeline का फीचर दिया है। जिसके तहत users अपने चाट का time सेट करके रख सकते है। जो सेट किया हुआ time पुरा होने पर आपका चाट अपने आप delete हो जाता है। 

• यह ऐप users के चैटिंग का एक भी हिस्सा अपने सर्वर पर स्टोर नहीं करता है।

• signal app नियमित रूप से पत्रकारों और जाचकर्ताओं द्वारा अपनी idetity छिपाने के लिए उपयोग मे लाया जाता है। यानी की हम अंदाजा लगा सकते है कि यह ऐप बाकी ऐप से कितना secure है। 

• signal app की टैगलाइन “Say Hello To Privacy” है। 

        दोस्तों यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताए। 

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