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कुछ लोगों को 10 नंबरी क्यों कहते हैं, 10 नंबर का क्राइम से क्या कनेक्शन है

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दस नंबरी kya hota hai| दस नंबरी क्यों कहते हैं| दस नंबरी kya hai|रोजनामचा का अर्थ| रोजनामचा किसे कहते हैं|पुलिस रोजनामचा क्या है|थाने में कितने रजिस्टर होते है| रजिस्टर नंबर दस क्या है|why do some people call 10 numbers|

420 नंबर का तथ्य तो सब जानते होंगे। जब किसी व्यक्ती को 420 कहा जाता है, तब उसका मतलब यह निकल कर आता है कि, उस व्यक्ती का व्यवहार ठगी और धोखाधड़ी वाला है।

आपको बता दें कि, गैर जिम्मेदाराना, ठगी और धोखाधड़ी के खिलाफ़ जो प्रावधान कानून में दीया गया है। वह आईपीसी की धारा 420 के तहत आता है। इसी लिए कुछ लोगों को 420 कहा जाता है। जब किसी व्यक्ती को आईपीसी की धारा 420 के तहत सजा सुनाई जाती है, तब समाजदार लोगों को इससे बारे में सूचना मिलती है कि, वह व्यक्ती 420 है।

फिर प्रश्न यह भी उठता है कि, जिस प्रकार से कुछ लोगों को 420 कहा जाता है। तो फिर कुछ लोगों को 10 नंबरी क्यों कहा जाता है। इस नंबर के पीछे क्या राज छिपा हुआ है। आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब। आखिर क्यों कुछ लोगों को दस नंबरी कहा जाता है?

दरअसल, पुलिस थाने में अपराध और अपराधियों के लिए कई प्रकार के रजिस्टर होते हैं। जिसमे हर चीज़ को पुलिस द्वारा मेंटेन करके रखा जाता है। इससे पुलिस कर्मचारी भी अछूते नहीं हैं। पुलिस भी अपनी तमाम गतिविधियों को एक रजिस्टर में लिखकर या मेंटेन करके रखते हैं। जिस रजिस्टर में पुलिस अपनी गतिविधियों को लिखकर रखते हैं। उस रजिस्टर को रोजनामचा कहा जाता है।

अब सबके दिमाग में यह भी सवाल आ रहा होगा कि, यह किस प्रकार का रजिस्टर है। आइए जानते हैं। पुलिस रोजनामचा क्या है?

रोजनामचा डायरी जो अक्सर हर पुलिस थाने में पाई जाती है। उसे आम बोलचाल की भाषा में डी. डी. एंट्री (डेली डायरी एंट्री) या फिर जनरल डायरी भी कहा जाता है। रोजनामचा डायरी को हिंदी में हम सामान्य दैनिकी भी कहते हैं।

आपको बता दूं कि, रोजनामचा डायरी सामान्य पुलिस थाने का एक अहम दस्तावेज होता है। जिसमें थाने में होने वाली हर जरूरी घटनाओं को दर्ज किया जाता है।

जैसे कि, रोज कितनी एफआईआर हुई, कितने शिकायतकर्ता शिकायत दर्ज करने आए, शिकायत करने वाले की जानकारी, दबिश, रोज कितनी गिरफ्तारीयां हुई, कौनसे पुलिस कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात है, कौनसे पुलिस कर्मचारी छुट्टी पर हैं, कौन कितने बजे घर गया। आदि प्रकार की जानकारी इस रोजनामचा रजिस्टर में दर्ज करके रखी जाती है।

इसी तरह का एक और रजिस्टर पुलिस थाने में होता है। जिसे “रजिस्टर नं. 10” कहा जाता है। इस दस नंबरी रजिस्टर में उन अपराधी लोगों का नाम मेंटेन करके रखा जाता है, जो पुलिस की सर्विलांस पर है। जिनकी निगरानी पुलिस को हर वक्त करनी पड़ती है। ताकि समाज में कानून व्यवस्था बनी रहे। कही कुछ अशुभ घटित ना हो।

या फिर हम कह सकते हैं कि, दस नंबरी रजिस्टर में उन लोगों का नाम दर्ज होता है, जो प्रसिद्ध और बहुत बड़े बदमाश है। जिंनका नाम कई बड़े अपराधो में सबसे उपर हमेशा बना रहता है। ऐसे लोगों को खास मौके पर जैसे चुनाव, या फिर कोई त्यौहार होता है, तब पुलिस इन लोगों की जासूसी करती है और कानून व्यवस्था को बनाए रखती है। इस दस नंबरी रजिस्टर में शामिल लोग पुलिस को बिना सूचित करें अपना गांव छोड़कर अन्य स्थान पर नही जा सकते।

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इसलिए थाने के दस नंबर रजिस्टर में नाम दर्ज होने पर। उन लोगों को संकेत रूप से दस नंबरी कहा जाता है। यानी सावधान रहें, वह पुलिस के सर्विलांस पर है।

स्रोत :

दस नंबरी क्यों कहते हैं ( भोपाल समाचार, February 12, 2022)

Meaning of दस नंबरी in Hindi ( शब्दकोश रफ़्तार)

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