युवाओं से लेकर युवतियों तक, बच्चों से लेकर उम्रदराज लोगों तक हर कोई यह जानना चाहता है कि, आखिर muth marne se kya hota hai? muth marne ke fayde, muth marne ke nuksan, यहां तक लोग यह भी जानना चाहते हैं कि, muth marne ke baad kamjori आए तो क्या करें। आज के इस लेख में हम आपको muth marne se जुड़े सभी सवालों के जवाब इस लेख में देने का प्रयास करेंगे और आशा करेंगे की, यह लेख पढ़ने के बाद आपको दूसरा कोई लेख पढ़ने की जरूरत ही महसूस न हो। तो चलिए जानते हैं मुठ मारने से क्या होता है?
पहले जाने मुठ मारना किसे कहते है (muth marna kise kahte hai)
मुठ मारने से क्या होता है? यह जानने से पहले हमे यह जानकारी जरुर होनी चाहिए कि, मुठ मारना किसे कहते है (muth marna kise kahte hai) क्युकी इसके बावजूद हम बाकी चीजों को समझ नहीं सकेंगे।
आपको बता दें कि, मुठ या हस्थमैथुन (Masturbation) एक सामान्य और प्राकृतिक क्रिया है जिसमें व्यक्ति स्वयं को यौन सुख दिलाने के लिए अपने ही हाथों से खुद के जननांगों को छूता है या रगड़ता है जिससे उसे जो यौन सुख प्राप्त होता है, उसे ही मुठ या हस्थमैथुन (Masturbation) कहते है। यह एक ऐसा तरीका है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने यौन अनुभव और सुख की खोज करता है। यह एक निजी गतिविधि है जो आमतौर पर यौन संतुष्टि के लिए की जाती है
मुठ मारने से क्या होता है? (muth marne se kya hota hai?)
मुठ मारने से व्यक्ती के जीवन में कई सारी चीजे होती है, जो व्यक्ती के जीवन सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। कुछ चीजे अच्छी होती है तो वही कुछ चीजे गलत भी होती है। अर्थात् मुठ मारने से ना सिर्फ फायदे होते है बल्की इसके नुक़सान भी होते हैं।
मुठ मारने के फायदे (muth marne ke fayde)
आप ने शायद डॉक्टरों को यह कहते हुए जरुर सुना या पढ़ा होगा कि, मुठ मारने को, डॉक्टर अक्सर एक प्राकृतिक और सामान्य गतिविधि मानते है और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए कई लाभों को रेखांकित करते है। हम यहां myupchar और Lybrate वेबसाइट पर मिले जानकारी पर मुठ मारने के दस संभावित फायदे बता रहे हैं। जिनको आपने भी जरुर महसूस किया होगा। लेकिन कन्फ्यूजन के कारण आप समझ नही पा रहे हैं कि, मुठ मारने के फायदे (muth marne ke fayde) होते है भी या नही।
तनाव से राहत
हस्तमैथुन से या मुठ मारने से एंडोर्फिन और अन्य अच्छा महसूस कराने वाले हार्मोन जैसे डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन के स्राव सक्रिय होते है। जिससे तनाव कम होता है, जो मूड को बेहतर बनाने और शरीर को आराम देने में मदद करते हैं।
बेहतर नींद
यदी संभोग ना करें तो व्यक्ती चैन से सो नहीं पाता। इसलिए बेहतर नींद के लिए संभोग बहुत जरुरी है। आपको बता दें कि, मुठ मारने से व्यक्ती को तनाव से राहत मिलती है जिससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। आपको बता दें कि, संभोग के बाद की अवस्थाएँ अक्सर शांति और संतुष्टि की भावना को बढ़ावा देती हैं जो जल्दी सो जाने में मदद कर सकती हैं। फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च के शोध से यह बात सामने आई है।
यौन अन्वेषण
खुद समझने का सबसे अच्छा तरीका है मुठ मारना। इसके जरिए व्यक्ती खुद की कमियों को समझ सकता हैं और उन्हे दूर करने का प्रयास कर सकता हैं। इसके अतिरिक्त व्यक्ती यह भी समझ सकता हैं कि, उसे अपने पार्टनर को संतुष्ट करने के लिए क्या करना चाहिए। मुठ मारने का यह सबसे बड़ा फायदा है।
बीमारी से बचने का फायदा
मुठ मारने का एक और फायदा यह है कि, व्यक्ती यौन संक्रामक बीमारियों से खुद को बचा सकता है। आप तो जानते हैं कि, वर्तमान में यौन संक्रमण से जुड़ी कई बीमारियां बडी संख्या में फैल रही हैं। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका मुठ मारना है।
गर्भाशय मज़बूत बनता है
हस्तमैथुन करने वाली महिलाओं को सर्वाइकल इंफेक्शन होने का खतरा बेहद कम होता है। ऐसा माना जाता है कि, मास्टरबेशन करने वाली महिलाओं का गर्भाशय अन्य महिलाओ की तुलना में ज्यादा मजबूत होता है। इसके अतिरिक्त मासिक धर्म की ऐंठन और मांसपेशियों के तनाव से राहत दे सकता है। आपको बता दें कि, संभोग के दौरान निकलने वाले एंडोर्फिन प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में कार्य करते हैं।
सेक्स इच्छा पर नियंत्रण
अन्न, वस्त्र, निवारा जैसे व्यक्ती की आम जरूरत है, यदी व्यक्ती को ये चीजे ना मिले तो व्यक्ती पागलों जैसी हरकत करने लग जाता है। ठीक वैसे ही सेक्स भी एक आम जरूरत है। इस नियंत्रण पाने का सबसे अच्छा तरीका मुठ मारना है। अर्थात मुठ मारने का यह भी एक फायदा है कि, व्यक्ती अपने सेक्स इच्छा पर नियंत्रण पा सकता हैं।
प्रतिरक्षा कार्य में वृद्धि
पत्रिका ‘सेक्शुअल एंड रिलेशनशिप थैरेपी’ के मुताबिक यह बात सामने आई है कि, मुठ मारने से या हस्तमैथुन से व्यक्ती के शरीर में कुछ हार्मोन और प्रतिरक्षा कोशिकाओं के स्तर को बढ़ने में मदद मिलती है। जिससे व्यक्ती की प्रतिरक्षा प्रणाली मज़बूत होती है।
प्रोस्टेट कैंसर का कम जोखिम
मुठ मारने से व्यक्ती के वीर्य में मौजुद विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं। संभवतः इससे पुरूष को होने वाले प्रोस्टेट कैंसर के खतरे से राहत मिलती है। अध्ययन से यह बात सामने आई है कि, नियमित स्खलन प्रोस्टेट कैंसर के विकास को कम करता है।
बेहतर फोकस और एकाग्रता
मुठ मारने का यह भी एक फायदा है कि व्यक्ती अपने काम या चीजों पर बेहतर फोकस और एकाग्रता कर पाता है। जिससे कुछ लोगों को अपनी दैनिक गतिविधियों में अधिक उत्पादक होने में मदद मिलती है।
प्रिय पाठक वर्ग ये लाभ मुठ मारने को जीवन का एक सामान्य, स्वस्थ हिस्सा बताते हैं, जो सही संख्या से किए जाने पर समग्र कल्याण में योगदान दे सकता है।

मुठ मारने के नुकसान (muth marne ke nuksan)
डॉक्टरों की माने तो मुठ मारने से कोई भी दुष्परिणाम नही होते है बल्की मुठ मारने से कई सारे फायदे होते है। लेकिन मुठ मारने की भी एक हद होती हैं। यदी कोई भी व्यक्ति इस हद को पार करता है तो, नुकसान जरुर होते है। धार्मिक दृष्टी से देखे तो वीर्यनाश के कई नुकसान होते है। जो कुछ इस प्रकार है
मुठ मारने से जुड़े कुछ नुकसान ये हो सकते हैं:
- हद से ज्यादा मुठ मारने से कमज़ोरी, थकान, और शीघ्रपतन की समस्या हो सकती है। जिसके चलते आपकी सेक्स लाइफ़ पर असर पड़ सकता है।
- हद से ज्यादा मुठ मारने से लिंग की त्वचा में जलन भी हो सकती है। जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
- हद से ज्यादा मुठ मारने से लिंग पर कई नसों का विकास ज्यादा हो जाता हैं , जिससे व्यक्ती का तो वही महिलाओ की योनि दिखने में बदसूरत हो जाती हैं।
- हद से ज्यादा मुठ मारने से स्पर्म की क्वॉलिटी खराब हो जाती हैं। जिससे पुरुषों में वीर्यपात की अवधि कम हो सकती है और व्यक्ती बांझपन का शिकार भी हो सकता है।
- हद से ज्यादा मुठ मारने से महिलाओं को यौन संक्रमण का धोखा काफी बढ़ सकता है। कुछ मामलों में हद से ज्यादा हस्तमैथुन महिलाओं में बांझपन या कैंसर का कारण भी बन सकता है।
- हद से ज्यादा मुठ मारने से व्यक्ती का वीर्यनाश बडी संख्या में होता है जिसके चलते व्यक्ती का वीर्य पाणी की तरह पतला हो जाता हैं।
- हद से ज्यादा मुठ मारने से व्यक्ती की हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। और वह व्यक्ती हमेशा थकान का शिकार हो जाता हैं। और व्यक्ती की क्षमता क्षीण हो जाती हैं।
- कहा जाता हैं कि, हद से ज्यादा मुठ मारने से व्यक्ति के गालों पर गढ्ढे पड़ सकते तथा व्यक्ती के चहरे की चमक कम हो जाती हैं।
- हद से ज्यादा मुठ मारने से व्यक्ती डिप्रेशन का शिकार हो जाता हैं और व्यक्ती का आत्मविश्वास कम होने लगता हैं।
ऐसे कई सारे नुकसान हद से ज्यादा मुठ मारने से होते है। जो हमे कुछ समय बाद देखने को मिलते हैं।
पुरुषों में मुठ मारने के लत के कारण?
भावनात्मक कारक:
पुरुषों हो या महिला सब मे मुठ मारने के लत का सबसे बड़ा कारण भावनात्मक माना जाता है। भावनात्मक कारण मुठ मारने के लत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। उदाहरण के तौर पर देखे तो, तनाव, किसी भी व्यक्ति को मुठ मारने के माध्यम से आराम और राहत पाने के लिए प्रेरित कर सकता है। इसके अलावा यह चिंता, अवसाद और अन्य भावनात्मक संघर्षों को कम करने का एक मुकाबला तंत्र बन जाता है। कुछ मामलों में, पुरुष आत्म-शांति या कम आत्मसम्मान या अकेलेपन की भावनाओं से निपटने के साधन के रूप में भी हद से ज्यादा मुठ मारने की ओर रुख कर सकते हैं।
शारीरिक कारक:
पुरुषों को या महिलाओ को मुठ मारने की लत लगने का दुसरा सबसे बड़ा कारण शारीरिक कारक है। अर्थात पुरुषों में तथा महिलाओ में हार्मोनल असंतुलन, जैसे कि टेस्टोस्टेरोन या एस्ट्रोजन का अधिक उत्पादन, तीव्र यौन इच्छाओं को ट्रिगर कर सकता है जो अत्यधिक मुठ मारने की ओर ले जा सकता है। इसके बाद कुछ दवाएँ या स्वास्थ्य स्थितियाँ भी है, जो कामेच्छा को बड़ी मात्रा में प्रभावित करती हैं, जैसे कि हाइपरसेक्सुअलिटी या यौन रोग, भी पुरुषों को अत्यधिक आत्म-सुख की ओर ले जा सकते हैं। जिससे व्यक्ती हद से ज्यादा मुठ मारने लग जाता है।
सामाजिक और पर्यावरणीय कारक:
जिस सामाजिक और पर्यावरणीय कारण भी ऐसा होता है। जिस सामाजिक और पर्यावरणीय वातारण में महिला या पुरुष बड़े होते हैं, वह हस्तमैथुन की लत विकसित होने की संभावना को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है। बचपन में आघात या यौन दुर्व्यवहार जैसे नकारात्मक यौन अनुभव, स्वस्थ यौन व्यवहार की एक विषम धारणा बना सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक मुठ मारना एक मुकाबला तंत्र के रूप में होता है। इसके अलावा, पोर्नोग्राफ़ी या हाइपरसेक्सुअलाइज़्ड मीडिया के संपर्क में आने से भी अवास्तविक अपेक्षाएँ और लगातार यौन उत्तेजना बढ़ सकती है, जिससे संभावित रूप से मुठ मारने के प्रति जुनून पैदा हो सकता है।
मनोवैज्ञानिक कारक:
मुठ मारने के लत के पिछे एक कारण मनोवैज्ञानिक भी बताया जाता हैं। कुछ मनोवैज्ञानिक स्थितियों वाले पुरुषों या महिला में मुठ मारने की लत विकसित होने की संभावना अन्य महिलाओ और पुरुषों से अधिक हो सकती है। जुनूनी-बाध्यकारी विकार (OCD) या हाइपरसेक्सुअलिटी विकार जैसी स्थितियाँ, जिन्हें यौन लत के रूप में भी जाना जाता है, व्यक्तियों को हस्तमैथुन पर अड़े रहने का कारण बन सकती हैं।
इंटरनेट और पोर्नोग्राफी:
आज वर्तमान में इंटरनेट पोर्नोग्राफी की व्यापक उपलब्धता ने पुरुषों में और महिलाओ में मुठ मारने की लत को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्पष्ट सामग्री तक आसान पहुंच अक्सर बाध्यकारी देखने की ओर ले जाती है, जिससे यौन अनुभवों की अवास्तविक अपेक्षाएं और धारणाएं ज्यादा बनती हैं। स्पष्ट सामग्री के निरंतर संपर्क में आने से व्यक्ति की अंतरंगता रूचि काफ़ी बढ़ जाती हैं।
स्त्रोत: